आहार सम्बंधित कुछ सूत्र जो याद रखे.,
निम्न भोज्य प्रदार्थ एक साथ नहीं खानी चाहिए:
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👉 चाय के साथ कोई भी नमकीन चीज नहीं खानी चाहिए।दूध और नमक का संयोग सफ़ेद दाग या किसी भी स्किन डीजीज को जन्म दे सकता है, बाल असमय सफ़ेद होना या बाल झड़ना भी स्किन डीजीज ही है।
कुछ चीजों को एक साथ खाना अमृत का काम करता है जैसे:
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👉 खरबूजे के साथ चीनी
👉 ईमली के साथ गुड
👉 गाजर और मेथी का साग
👉 बथुआ और दही का रायता
👉 मकई के साथ मट्ठा
👉 अमरुद के साथ सौंफ
👉 तरबूज के साथ गुड
👉 मूली और मूली के पत्ते
👉 अनाज या दाल के साथ दूध या दही
👉 आम के साथ गाय का दूध
👉 चावल के साथ दही
👉 खजूर के साथ दूध
👉 चावल के साथ नारियल की गिरी
👉 केले के साथ इलायची
👉 खरबूजे के साथ चीनी
👉 ईमली के साथ गुड
👉 गाजर और मेथी का साग
👉 बथुआ और दही का रायता
👉 मकई के साथ मट्ठा
👉 अमरुद के साथ सौंफ
👉 तरबूज के साथ गुड
👉 मूली और मूली के पत्ते
👉 अनाज या दाल के साथ दूध या दही
👉 आम के साथ गाय का दूध
👉 चावल के साथ दही
👉 खजूर के साथ दूध
👉 चावल के साथ नारियल की गिरी
👉 केले के साथ इलायची
कभी कभी कुछ चीजें बहुत पसंद होने के कारण हम ज्यादा बहुत ज्यादा खा लेते हैं। ऎसी चीजो के बारे में बताते हैं जो अगर आपने ज्यादा खा ली हैं तो कैसे पचाई जाएँ 👇
👉 केले की अधिकता में दो छोटी इलायची
👉 आम पचाने के लिए आधा चम्म्च सोंठ का चूर्ण और गुड
👉 जामुन ज्यादा खा लिया तो ३-४ चुटकी नमक
👉 सेब ज्यादा हो जाए तो दालचीनी का चूर्ण एक ग्राम
👉 खरबूज के लिए आधा कप चीनी का शरबत
👉 तरबूज के लिए सिर्फ एक लौंग
👉 अमरूद के लिए सौंफ
👉 नींबू के लिए नमक
👉 बेर के लिए सिरका
👉 गन्ना ज्यादा चूस लिया हो तो ३-४ बेर खा लीजिये
👉 चावल ज्यादा खा लिया है तो आधा चम्म्च अजवाइन पानी से निगल लीजिये
👉 बैगन के लिए सरसो का तेल एक चम्म्च
👉 मूली ज्यादा खा ली हो तो एक चम्म्च काला तिल चबा लीजिये
👉 बेसन ज्यादा खाया हो तो मूली के पत्ते चबाएं
👉 खाना ज्यादा खा लिया है तो थोड़ी दही खाइये
👉 मटर ज्यादा खाई हो तो अदरक चबाएं
👉 इमली या उड़द की दाल या मूंगफली या शकरकंद या जिमीकंद ज्यादा खा लीजिये तो फिर गुड खाइये
👉 मुंग या चने की दाल ज्यादा खाये हों तो एक चम्म्च सिरका पी लीजिये
👉 मकई ज्यादा खा गये हो तो मट्ठा पीजिये
👉 घी या खीर ज्यादा खा गये हों तो काली मिर्च चबाएं
👉 खुरमानी ज्यादा हो जाए तो ठंडा पानी पीयें
👉 पूरी कचौड़ी ज्यादा हो जाए तो गर्म पानी पीजिये
👉 आम पचाने के लिए आधा चम्म्च सोंठ का चूर्ण और गुड
👉 जामुन ज्यादा खा लिया तो ३-४ चुटकी नमक
👉 सेब ज्यादा हो जाए तो दालचीनी का चूर्ण एक ग्राम
👉 खरबूज के लिए आधा कप चीनी का शरबत
👉 तरबूज के लिए सिर्फ एक लौंग
👉 अमरूद के लिए सौंफ
👉 नींबू के लिए नमक
👉 बेर के लिए सिरका
👉 गन्ना ज्यादा चूस लिया हो तो ३-४ बेर खा लीजिये
👉 चावल ज्यादा खा लिया है तो आधा चम्म्च अजवाइन पानी से निगल लीजिये
👉 बैगन के लिए सरसो का तेल एक चम्म्च
👉 मूली ज्यादा खा ली हो तो एक चम्म्च काला तिल चबा लीजिये
👉 बेसन ज्यादा खाया हो तो मूली के पत्ते चबाएं
👉 खाना ज्यादा खा लिया है तो थोड़ी दही खाइये
👉 मटर ज्यादा खाई हो तो अदरक चबाएं
👉 इमली या उड़द की दाल या मूंगफली या शकरकंद या जिमीकंद ज्यादा खा लीजिये तो फिर गुड खाइये
👉 मुंग या चने की दाल ज्यादा खाये हों तो एक चम्म्च सिरका पी लीजिये
👉 मकई ज्यादा खा गये हो तो मट्ठा पीजिये
👉 घी या खीर ज्यादा खा गये हों तो काली मिर्च चबाएं
👉 खुरमानी ज्यादा हो जाए तो ठंडा पानी पीयें
👉 पूरी कचौड़ी ज्यादा हो जाए तो गर्म पानी पीजिये
अगर सम्भव हो तो भोजन के साथ दो नींबू का रस आपको जरूर ले लेना चाहिए या पानी में मिला कर पीजिये या भोजन में निचोड़ लीजिये ,८०% बीमारियों से बचे रहेंगे रात्रि भोजन में नींबू का प्रयोग ना करें।
"प्राचीन स्वास्थ्य दोहावली"
पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!
धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!
ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!
प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!
बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!
ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!
करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!
भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!
चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!
प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!
सदा रात में दूध पी, सभी रोग का नाश!!
प्रातः- दोपहर लीजिये, जब नियमित आहार! तीस मिनट की नींद लो, रोग न आवें द्वार!!
भोजन करके रात में, घूमें कदम हजार!
डाक्टर, ओझा, वैद्य का , लुट जाए व्यापार !!
घूट-घूट पानी पियो, रह तनाव से दूर!
एसिडिटी, या मोटापा, होवें चकनाचूर!!
अर्थराइज या हार्निया, अपेंडिक्स का त्रास!
पानी पीजै बैठकर, कभी न आवें पास!!
रक्तचाप बढने लगे, तब मत सोचो भाय!
सौगंध राम की खाइ के, तुरत छोड दो चाय!!
सुबह खाइये कुवंर-सा, दुपहर यथा नरेश!
भोजन लीजै रात में, जैसे रंक सुरेश!!
देर रात तक जागना, रोगों का जंजाल!
अपच,आंख के रोग सँग, तन भी रहे निढाल^^
दर्द, घाव, फोडा, चुभन, सूजन, चोट पिराइ!
बीस मिनट चुंबक धरौ, पिरवा जाइ हेराइ!!
सत्तर रोगों कोे करे, चूना हमसे दूर!
दूर करे ये बाझपन, सुस्ती अपच हुजूर!!
भोजन करके जोहिए, केवल घंटा डेढ!
पानी इसके बाद पी, ये औषधि का पेड!!
अलसी, तिल, नारियल, घी सरसों का तेल!
यही खाइए नहीं तो, हार्ट समझिए फेल!
पहला स्थान सेंधा नमक, पहाड़ी नमक सु जान!
श्वेत नमक है सागरी, ये है जहर समान!!
अल्यूमिन के पात्र का, करता है जो उपयोग!
आमंत्रित करता सदा, वह अडतालीस रोग!!
फल या मीठा खाइके, तुरत न पीजै नीर!
ये सब छोटी आंत में, बनते विषधर तीर!!
चोकर खाने से सदा, बढती तन की शक्ति!
गेहूँ मोटा पीसिए, दिल में बढे विरक्ति!!
रोज मुलहठी चूसिए, कफ बाहर आ जाय!
बने सुरीला कंठ भी, सबको लगत सुहाय!!
भोजन करके खाइए, सौंफ, गुड, अजवान!
पत्थर भी पच जायगा, जानै सकल जहान!!
लौकी का रस पीजिए, चोकर युक्त पिसान!
तुलसी, गुड, सेंधा नमक, हृदय रोग निदान!
चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे !
ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे !!
सौ वर्षों तक वह जिए, लेते नाक से सांस!
अल्पकाल जीवें, करें, मुंह से श्वासोच्छ्वास!!
सितम, गर्म जल से कभी, करिये मत स्नान!
घट जाता है आत्मबल, नैनन को नुकसान!!
हृदय रोग से आपको, बचना है श्रीमान!
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक, का मत करिए पान!!
अगर नहावें गरम जल, तन-मन हो कमजोर!
नयन ज्योति कमजोर हो, शक्ति घटे चहुंओर!!
तुलसी का पत्ता करें, यदि हरदम उपयोग!
मिट जाते हर उम्र में,तन में सारे रोग। 🌸
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